शुक्रवार, 21 मई 2010

prakriti ke sannidhya main

प्रकृति  के साथ समन्वय रखकर ही हम स्वस्थ रह सकते हैं उसकी उपेक्षा
 करके नहीं इसलिए प्राकृतिक नियमों का अनुसरण  करने मैं ही हमारी
भलाई है. प्रकृति के साथ जी कर हम आदर्श स्वास्थ्य प्राप्त कर सकते हैं.

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